बेटी - घर की रौनक (कविता)
चिडियो सी चह-चहती घर में,
घर की रौनक बढ़ाती है।
नसीब वाले होते है वो,
जिनके घर बेटिया जन्म लेके आती है।
लक्ष्मी के रूप में घर आती है बेटी,
ईश्वर की कृपा साथ लाती है बेटी।
ममता प्यार का खजाना होती है बेटी,
घर का उजाला होती है बेटी।
बेटी बन खुशियां लती है आँगन में,
बहन बन भाई की कलाई सजाती है।
पत्नी बन पति का जीवन भर साथ निभाती है,
बेटी ही है जो हर रिश्ता अनमोल बनती है।
बेटो को कुल का दिपक कहने वालो,
कुल का मान बढ़ती है बेटी।
पिता का अभिमान होती है बेटी,
ससुराल की मर्यादा बनाती है बेटी।
चिडियो सी चह-चहती घर में,
घर की रौनक बढ़ाती है बेटी।



Fantastico poem ..... very nice 👍
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